Thursday, 8 August 2013

पाक को गैस बेचने की तैयारी

पाकिस्तानी सैनिकों ने भले ही पांच भारतीय सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया हो, लेकिन भारत सरकार पड़ोसी धर्म निभाते हुए बिजली संकट से जूझते पाक को मदद करने के लिए तैयार है। पड़ोसी देश को भारत न सिर्फ गैस बेचने जा रहा है, बल्कि यह भी कोशिश हो रही है कि उसे कुछ रियायती दरों पर गैस दी जाए। सरकारी क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनी गेल लिमिटेड इस तैयारी में जुटी है। अगर कोई बड़ा व्यवधान नहीं आता है तो अगले महीने अमेरिका में जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ मिलेंगे तो इस मुद्दे पर बड़ी घोषणा हो सकती है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, गेल गैस आयात कर पाकिस्तान को उसकी आपूर्ति करने को अंतिम रूप लगभग दिया जा चुका है। सरकार की कोशिश यह भी है कि पाक को कुछ सस्ती दर पर गैस मिले। दरअसल, गेल को विदेश से एलएनजी आयात कर उसे भारत में गैस में तब्दील कर फिर पाक को निर्यात करनी होगी। कंपनी का अनुमान है कि मौजूदा दर के हिसाब से पाकिस्तान को कम से कम 22 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की दर से ही गैस बेची जा सकती है। इस दर से गैस खरीद कर उससे बिजली बनाना किसी भी देश के लिए काफी महंगा साबित हो सकता है। यही वजह है कि गेल चाहती है कि वित्ता मंत्रालय एलएनजी आयात पर कुछ कर रियायत दे ताकि लागत कम की जा सके। पाक को गैस देने के लिए गेल अंतरराष्ट्रीय बाजार से 14.50 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की दर से एलएनजी खरीदेगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि द्विपक्षीय स्तर पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तानी टीम को भारत आना है। अभी तक इस दल की भारत यात्रा की तारीख तय नहीं हुई है। नवाज शरीफ के प्रधानमंत्री बनने के बाद ही भारत की तरफ से उसे गैस बेचने का प्रस्ताव किया गया था, जिसे पाक ने स्वीकार कर लिया था।
इस बारे में हाल ही में पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था कि वह इसे तेजी से आगे बढ़ाने के लिए मंजूरी दें। इसमें कहा गया था कि हमें बिजली संकट से जूझ रहे पड़ोसी देश को शीघ्रता से मदद पहुंचानी चाहिए। अगर इस बिक्री पर दोनों देशों में अंतिम सहमति बन जाती है तो गेल जालंधर से पाक सीमा तक 110 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाएगी। भारत पाक को डेढ़ वर्षो के भीतर गैस की आपूर्ति शुरू कर सकता है।

नीतीश बोले, मोदी बिहार में नहीं होंगे चुनावी मुद्दा

 नरेंद्र मोदी को लेकर राजग से अलग हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि दिल्ली पर राज करने वाले यानी प्रधानमंत्री बनने वाले को लोकतांत्रिक, खुले-विस्तृत दिमाग वाला, बर्दाश्त करने की क्षमता वाला होना चाहिए। वह समावेशी विकास का पक्षधर हो और पिछड़े क्षेत्रों के पुरजोर विकास की समझ रखे। वैसा आदमी जो सभी लोगों को एकजुट रखे और सबको आगे बढ़ाए। नीतीश ने भाजपा से तोड़ी गई अपनी दोस्ती को तार्किक बताया, तो इशारों में कांग्रेस को भी खूब समझाया-चेताया। उन्होंने बिहार को विशेष राज्य के दर्जा की पुरजोर वकालत की।

नीतीश बुधवार को दिल्ली में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी बिहार में चुनावी मुद्दा नहीं होंगे। हां, सपना देखने की मनाही नहीं है। कहा, अभी कांग्रेस से दोस्ती की बात काल्पनिक है। हां, अभी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा मिल जाता है, तो केंद्र सरकार भी फायदे में रहेगी। इस मसले पर पिछड़े राज्यों की गोलबंदी भी हो सकती है।

'सेना और पुलिस में जवान मरने के लिए ही जाते हैं'

नई दिल्ली। बिहार में हो रहे पाक हमले के शहीदों के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचकर नीतीश सरकार की पहले ही किरकिरी हो रही है और अब बिहार के ग्रामीण मंत्री भीम सिंह ने शहीदों पर विवादस्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस में जवान मरने के लिए ही जाते हैं।

गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बिहार के छपरा में शहीद प्रेमनाथ को अंतिम विदाई देते वक्त बिहार सरकार के एक भी मंत्री वहां मौजूद नहीं थे। यहां तक की जब शहीदों के शव को सीमा पार से पटना एयरपोर्ट पर लाया गया तब भी सूबे की सरकार के पास फुर्सत के दो पल नहीं थे कि वे वहां उनके शहादत पर सम्मान जताने जा सके।

आपको बता दें कि सीमा पर शहीद हुए जवानों में से दो की अंत्येष्टि हो गई है और दो की थोड़ी देर में होने वाली है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर जब सेना शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को सलामी दे रहे थे, उस वक्त बिहार के विपक्षी दल के नेता पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। सैनिक सम्मान के बाद शहीदों के पार्थिव शरीर को अलग-अलग ट्रकों में रखा गया। लेकिन इस दौरान बिहार सरकार का कोई भी नुमाइंदा वहां नहीं दिखाई दिया।

हालांकि बिहार सरकार ने शहीदों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। लेकिन परिजनों ने ये राशि लेने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने इंसाफ की मांग की है। परिजनों ने सरकार से कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

हमले का भारत-पाक वार्ता पर नहीं पड़ेगा असर: खुर्शीद

नई दिल्ली। पाकिस्तान के हमले में पांच भारतीय सैनिकों की हत्या का असर भारत और पाकिस्तान के बीच सितंबर में होने वाली बातचीत पर नहीं पड़ेगा। इस बारे में विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि दोनों देशों के बीच आयोजित होने वाली वार्ता किसी भी वजह से स्थगित नहीं की जाएगी। वह अपने तय समय पर ही होगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पर अंतिम फैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ही लेंगे।

 खुर्शीद ने कहा कि प्रधानमंत्री इस विषय में सोच-विचार करके ही पाकिस्तान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को आगे बहुत लंबा सफर तय करना है। हर कदम सोच समझकर उठाना होगा। खुर्शीद ने कहा कि देश इस मामले पर अपना धैर्य नहीं खो सकता है। दोनों देशों को मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई करनी होगी।

इससे पहले, कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने भी कहा कि किसी भी समस्या का समाधान लड़ाई या विरोध से नहीं होता है, बैठकर चर्चा करने के बाद ही इसका हल निकाला जाता है।

यशवंत ने दिया एंटनी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस

नई दिल्ली। पाकिस्तानी सेना के हमले में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के मामले में बुधवार को भी संसद में हंगामे के आसार हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने लोकसभा में रक्षा मंत्री एके एंटनी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है।

गौरतलब है कि सैनिकों की हत्या मामले में एंटनी ने मंगलवार को लोकसभा में अपने बयान में कहा था कि पाकिस्तानी सेना की वर्दी में आए लोगों ने भारतीय सैनिकों पर हमला किया। इस पर यशवंत सिन्हा ने लोकसभा और राज्यसभा अरुण जेटली गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा था कि यह भारत के पक्ष को कमजोर करने और सैनिकों के मनोबल को गिराने वाला बयान है। उन्होंने कहा कि इससे यह लगता है कि हमला सैनिकों ने नहीं बल्कि सैनिकों की वर्दी में आतंकियों ने किया। जबकि हमला पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की संयुक्त कार्रवाई थी।

अब पूरी जानकारी के बाद ही दूंगा कोई बयान : एंटनी

नई दिल्ली। भारतीय सीमा पर पाक के हमले पर दिए गए अपने बयान पर सफाई पेश करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें सीमा से जो आधिकारिक जानकारी मिली थी, उसके मुताबिक ही उन्होंने बयान दिया था। उन्होंने कहा कि आगे पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही किसी भी तरह का कोई बयान दूंगा।

एंटनी ने देश की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। देश की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा। ये बातें रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करने के बाद कही हैं।

गौरतलब है कि पाक हमले पर दी गई अपनी टिप्पणी को लेकर रक्षा मंत्री विवादों में घिर गए हैं। विपक्ष ने मंत्री के बयान की निंदा करते हुए उन्हें इस मामले में पूरे देश से माफी मांगने को कहा है। भाजपा ने कहा कि रक्षा मंत्री का बयान अपने आप में विवादास्पद है। उनके बयान और सीमा से मिली जानकारी में काफी अंतर है।

भाजपा नेता सुषमा स्वराज ने एंटनी द्वारा पाक को क्लीन चिट दिए जाने पर हमला बोलते हुए अपने बयान पर पूरे देश से माफी मांगने की मांग की। वहीं, राज्यसभा में वैंकया नायडू ने कहा कि रक्षा मंत्री पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं।

सुषमा स्वराज ने कहा कि मंत्री के बयान ने सारे तथ्य ही बदल दिए हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के बयान ने पाक को बचने का मौका दे दिया। एंटनी के बयान के बाद ही पाक सेना ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने से मना कर दिया। इसके साथ ही विपक्ष ने इस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी जवाब मांगा है। भाजपा ने कहा कि वह एंटनी के खिलाफ प्रस्ताव लेकर आएगी।
इसके बाद इस मामले को लेकर लोकसभा में तनातनी चलती रही। इधर तेलांगना मुद्दे को लेकर भी हंगामा होता रहा। हंगामा थमता न देख स्पीकर ने दोनों सदनों की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
गौरतलब है कि सोमवार देर रात जम्मू के पुंछ से लगी सीमा पर पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों के साथ मिलकर भारतीय सैनिकों पर हमला कर दिया जिसमें सेना के पांच जवान शहीद हो गए और एक बुरी तरह घायल हो गया। शहीदों में चार बिहार और एक महाराष्ट्र के निवासी थे।
पाकिस्तान के हमले में 5 भारतीय जवानों के शहीद हो जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पर देश की सुरक्षा के प्रति लापरवाह होने का आरोप लगा रही है.

एंटनी ने मानी गलती, कहा हमले में पाक सेना का था सीधा हाथ

नई दिल्ली। सरहद पर पाकिस्तान की तरफ से हुए हमले में मारे गए सैनिकों पर दिए गए अपने पहले बयान को तत्कालिक सूचना पर आधारित बताते हुए रक्षा मंत्री ने इस हमले के लिए अब पाक सेना को जिम्मेदार ठहराया है। पाक को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि वह हमारी धैर्य की परीक्षा ना ले।

संसद में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अपने बयान में बताया कि पाकिस्तान सेना की स्पेशल सेल ने इस हमले को अंजाम दिया है। पाक सेना के समर्थन के बिना कुछ भी संभव नहीं था। अब इसे विपक्ष अपनी जीत मान रही है और अपनी पीठ खुद ही थपथपा रही है। संसद में रक्षा मंत्री एंटनी के बयान का स्वागत करते हुए लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं कर रहा है। हम तो बस भूल को सुधरवाना चाहते थे। एंटनी के बयान के बाद सियासी गलियारे में थोड़ी सुस्ती आई है।

बीते दिनों उन्होंने कहा था कि कुछ आतंकियों ने पाक सेना की वर्दी पहनकर हमला किया था। इस पर पूरे देश में बवाल मच गया था। विपक्षी दल ने एंटनी से इस विवादस्पद बयान के लिए देश से माफी मांगने की मांग की थी।

गौरतलब है कि भारतीय सीमा में हुई सैनिकों की मौत के मुद्दे पर आज एक बार फिर लोकसभा में हंगामा हुआ, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया था।

सूत्रों ने बताया कि विपक्ष के हमले और लोगों के गुस्से के बाद अब कांग्रेस को भी लगने लगा था कि एंटनी का बयान राष्ट्र हित में नहीं है।

इस मसले पर विपक्ष का कहना है कि रक्षा मंत्रालय के तथ्य और सीमा से मिली जानकारी में बहुत अंतर है। दोनों के बयान कहीं में मेल नहीं खाते हैं। इस पर एंटनी ने बुधवार को पीएम से मुलाकात करने के बाद कहा कि उन्होंने प्राथमिक जानकारी के आधार पर ही बयान दर्ज कराए थे। लेकिन अब वे अपनी भूल सुधारेंगे और पूरी जानकारी हासिल करने के बाद ही कोई नया बयान देंगे।

पत्‍‌नी ने कहा, रेप में शामिल नहीं थे अक्षय

नई दिल्ली [जासं]। दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर की रात युवती के साथ गैंगरेप में मेरे पति अक्षय शामिल नहीं थे। वे 15 दिसंबर को भाई अभय, भाभी सरिता व नौ साल के भतीजे कुंदन के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अपने घर के लिए महाबोधि एक्सप्रेस से रवाना होकर 16 दिसंबर को सुबह औरंगाबाद के अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दिल्ली पुलिस औरंगाबाद के तंडवा थाने की पुलिस के साथ मिलकर उनके पति को फंसाने की कोशिश कर रही है। यह कहना है वसंत विहार गैंगरेप मामले में आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी पुनीता देवी का। उन्होंने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही।

जिरह में दखलअंदाजी पर अक्षय को दी चेतावनी

वसंत विहार गैंगरेप के आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी से जिरह के दौरान अक्षय ने बार-बार दखलअंदाजी की। जिससे अदालत ने आरोपी को चेतावनी दी। यहां तक कि बचाव पक्ष के वकील ने भी अक्षय पर चुप होने का दबाव बनाया।

साकेत कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज योगेश खन्ना की अदालत में बचाव पक्ष के गवाह के रूप में आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी और अक्षय के ससुर के बयान दर्ज किए गए। पत्‍‌नी के बयान दर्ज करवाने के दौरान जब अभियोजन पक्ष उससे जिरह करते थे, तो उसकी जगह अक्षय बोल पड़ता था। इससे अदालत ने अक्षय को चेतावनी दी। अदालत में पत्‍‌नी ने कहा कि 16 दिसंबर की रात को अक्षय उनके साथ था। वह वारदात वाली रात दिल्ली में नहीं था। वहीं, अक्षय के ससुर ने कहा कि अक्षय निर्दोष है। उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।

अभियोजन ने दोनों गवाहों के बयान को गलत बताया। कहा कि अक्षय के माता-पिता के दबाव की वजह से ये झूठा बयान दे रहे हैं।

नेताजी बोले, अखिलेश को समझा दो नए अफसर ईमानदार होते हैं

आगरा। युवा आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद सूबे की सरकार सवालों के घेरे में हैं। इस बीच सपा महासचिव रामजीलाल सुमन ने बुधवार को आगरा में नए अधिकारियों की खुलकर पैरवी की।

कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से बोले कि विश्वास करें, नये अफसर ईमानदार होते हैं। वह अपने भतीजे (मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) को समझाएं कि नए अफसरों की हौंसला अफजाई करें।

 सूरसदन प्रेक्षागृह में लैपटॉप वितरण समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के महामंत्री रामजीलाल सुमन के संबोधन से एकबार सन्नाटा छा गया। मंच से खरी-खरी कहने को लेकर चर्चाओं में रहने वाले राष्ट्रीय महासचिव ने राज्य के कद्दावर काबीना मंत्री शिवपाल यादव को मुख्यमंत्री के चाचा कहकर संबोधित किया। बोले कि वह अपने भतीजे अखिलेश यादव से बात कर लें, प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो गई है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए।

नए अफसर अच्छा काम करते हैं, ऐसे में उनकी हौंसला अफजाई की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो चंद सालों बाद वह भी पुराने अफसरों के ढर्रे पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से अफसर ऐसे हैं, जो हर सरकार में बढि़या पदों पर रहते हैं और कोई काम भी नहीं करते। ऐसे अफसरों के कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए। सपा के राष्ट्रीय महामंत्री के इस संबोधन पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन मंच पर बैठे सरकार के नुमाइंदे और अधिकारी सकते में आ गए।

इसके बाद प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारसनाथ यादव ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य के अफसरों का संस्कार बिगड़ गया है। खराब काम करने वाले अधिकारियों को सरकार चिन्हित कर रही है। फिर दुर्गा शक्ति का नाम लिए बिना बोले कि कार्रवाई हो रही है। और आप देख रहे हैं कि कार्रवाई करने पर कैसा बवाल मच रहा है। लेकिन सरकार इससे बिवलित नहीं है। ऐसे अफसरों के खिलाफ सरकार अभी और कार्रवाई करने की तैयारी में है।

लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि अधिकारियों को जनता और सपा कार्यकर्ताओं की सुनवाई करनी ही होगी। समस्याओं का निदान करना ही होगा। जो जनता के खिलाफ, सरकार के खिलाफ काम करेगा उस पर कार्रवाई होगी।

हालांकि बाद में जागरण के सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि उन्होंने दुर्गा के कार्य को सही नहीं ठहराया। पर नये अफसर ईमानदारी से बढि़या काम करते हैं, परंतु जब उनके काम की कद्र नहीं होती तो वे भी पुराने अफसरों जैसे हो जाते हैं।

Sunday, 4 August 2013

पत्नी बताकर ले लिया लोन

नई दिल्ली। नोएडा के ईएक्सएल बीपीओ कंपनी में काम करने वाली एक महिला को उसके सहकर्मी ने पत्नी बताकर बैंक से ज्वाइंट होम लोन ले लिया और फरार हो गया।

छह साल बाद जब महिला अपने नाम से बैंक में लोन लेने गई, तब उसे ठगी के बारे में जानकारी हुई। एक हफ्ते पहले ही महिला ने सफदरजंग इन्क्लेव थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया है। आरोपी ठग का नाम जय चटर्जी है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, 50 वर्षीय पीड़ित महिला का नाम रेवती अय्यर है। केरल निवासी रेवती यहां अर्जुन नगर में परिवार के साथ रहती है। 2007 में जय चटर्जी व रेवती अय्यर दोनों गुड़गांव के एक बीपीओ कंपनी में साथ काम करते थे।

जय ने किसी बहाने से रेवती के कागजात व पहचान पत्र हासिल किए और रेवती को पत्नी बताकर आइसीआइसीआइ बैंक से सात लाख रुपये ज्वाइंट होम लोन ले लिया। उसके बाद उसने कंपनी छोड़ दी। चार किस्तें देने के बाद उसने बैंक को किस्त देना भी बंद कर दिया और गायब हो गया। कुछ साल बाद रेवती ने नोएडा की ईएक्सएल बीपीओ कंपनी ज्वाइन कर ली।

जून में रेवती ने एचडीएफसी बैंक में दस लाख लोन के लिए आवेदन किया। बैंक के लोन डिपार्टमेंट ने उनके कागजात की जांच की तो सिविल रिपोर्ट से पता लगा कि महिला के नाम पर पहले से एक होम लोन चल रहा है। महिला उक्त मामले में डिफॉल्टर है। उसका आवेदन रद कर दिया गया। पूरी बात पता चलने पर रेवती के होश उड़ गए।

उन्होंने आइसीआइसीआइ बैंक जाकर पता किया, तब वहां ज्वाइंट होम लोन लिए जाने की पुष्टि कर दी गई। जय चटर्जी की तलाश में पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई है।

दुर्गा ने नहीं गिरवाई थी दीवार, फिर भी अड़ी है 'सरकार'!

लखनऊ। नोएडा की एसडीएम आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अडिग हैं। भले ही इस मामले में सरकार चारों तरफ आलोचना झेल रही है लेकिन मुख्यमंत्री अपने फैसले पर अडिग हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि एसडीएम दुर्गा शक्ति पर कार्रवाई सही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश का अमन-चैन खराब नहीं होने देगी। नोएडा में भी यही मामला था और अधिकारी ने शिथिलता बरती। इससे प्रदेश का माहौल बिगाड़ सकता था। दुर्गा शक्ति पर यह कार्रवाई माहौल बिगाडने की साजिश के तहत की गई है। निलंबन का खनन से लेना-देना नहीं है न तो बदले की भावना से कोई कार्रवाई की गई है। निलंबन पर उत्तर प्रदेश आइएएस एसोसिएशन की भूमिका को भी उन्होंने आड़े हाथ लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरशाही ने सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जो सही नहीं है। यह तो सरकार के खिलाफ साजिश है। जो भी सरकार के खिलाफ साजिश करेगा वो बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ अधिकारियों को भी जिम्मेदार होनी चाहिए।

गांव कादलपुर के खसरा नंबर 336, रकबा 1370 मीटर जमीन सरकारी अभिलेखों में नवीन परती में दर्ज है। इस जमीन पर बिना प्रशासन की अनुमति के हो रहे धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ने को लेकर ही दुर्गा शक्ति जिले, प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे देश में चर्चा का विषय बनीं।

उनके निलंबन ने उन्हें दिल्ली डीयू का भी हीरो बना दिया है। यहां के भी छात्र उनके समर्थन में आ गए हैं। एसडीएम दुर्गा शक्ति का निलंबन सपा के एक कद्दावर नेता के सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने के हालात की जानकारी मुख्यमंत्री को देने के चलते हुआ।

एक अंग्रेजी अखबार में डीएम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि दीवार दुर्गा शक्ति ने नहीं गिरवाई बल्कि गांव वालों ने ही गिराई। भाजपा ने मुख्यमंत्री से सपा नेता के खिलाफ गलत रिपोर्ट देने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।

जिले के आला अफसरों की मानें तो जिले के एक सपा नेता ने शासन के समक्ष कादरपुर गांव का जो चित्र खींचा, उसमें कहा गया था कि एसडीएम ने एक धार्मिक स्थल की दीवार गिरा दी है। जबकि मौके पर कोई धार्मिक स्थल नहीं बना था।

दुर्गा प्रकरण पर कुछ नहीं बोलूंगा: रामगोपाल

मुरादाबाद। महिला आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने खामोश रहना ही उचित समझा। शनिवार को मुरादाबाद में मौजूदगी के दौरान यादव ने मीडिया के सवालों के बीच दुर्गा शक्ति प्रकरण पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। कहा-यह कोई मुद्दा नहीं है, मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने सीबीआइ की आजादी की वकालत की। कहा कि सीबीआइ को सरकार के दबाव से मुक्त होना चाहिए। विकास कार्यो पर चर्चा के बीच उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से विकासपरक योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जनहित के काम और विकासपरक योजनाओं में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

कन्या विद्या धन, लैपटॉप वितरण आदि जैसी योजनाओं के जरिए छात्राओं को शैक्षिक स्तर पर मजबूती दी जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुरादाबाद के विकास की चर्चा में उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग सुनने को मिली है। मुरादाबाद में मेडिकल कालेज खुलवाने के लिए प्रयास शुरू कराएंगे।

इससे पूर्व यादव ने यहां पांच सितारा होटल हॉलीडे रीजेंसी में आयोजित समारोह के दौरान हिंदू डिग्री कालेज के सौ छात्रों को लैपटॉप दिया। इसके बाद उनके हाथों में जिले की सदर और कांठ तहसील के लिए नए भवनों का शिलान्यास भी कराया गया।

सोनिया ने दी दुर्गा को शक्ति

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश द्वारा निलंबित आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में शुरुआती झिझक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद इस मामले में मैदान में उतर आई हैं। कथित तौर पर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के कारण निलंबित हुई दुर्गा के मसले पर सोनिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित न किया जाए।

 सोनिया की चिट्ठी पर तुरंत ही समाजवादी पार्टी ने तीखा पलटवार कर सीधे उनके दामाद राबर्ट वाड्रा के मामले को उछाल दिया। घटना के एक हफ्ते बाद सोनिया की चिट्ठी पर भाजपा ने भी हैरत जताई है।

मस्जिद की दीवार गिराने का आरोप लगाकर निलंबित की गई गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम के मामले में कांग्रेस एक दिन पहले तक बेहद सतर्क बयानबाजी कर रही थी। मामला मस्जिद की दीवार से जोड़ा गया था, लिहाजा कांग्रेस दुर्गा का समर्थन करने के बावजूद पहले साफ कर रही थी कि वह मनमाने तरीके से मस्जिद की दीवार गिराए जाने के विरोध में है।

पूरे देश में इस मामले पर अखिलेश सरकार के खिलाफ नाराजगी को भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर उनसे पूछा है कि क्या इस मामले में केंद्र सरकार कुछ कर सकती है? कांग्रेस अध्यक्षा ने चिट्ठी में लिखा है, 'यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस अधिकारी के साथ नाइंसाफी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसा माहौल दिया जाना चाहिए, जिसमें वे बिना भय के काम कर सकें।'

 सोनिया की इस चिट्ठी के बाद अब कांग्रेस नेता भी मुखर हो गए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी से लेकर प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह तक ने सपा सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। उनका दावा है कि पहले ही दिन से कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था।

समाजवादी पार्टी ने पीएम को लिखी इस चिट्ठी पर सोनिया पर ही तीखा पलटवार किया। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि सोनिया जी को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए। हरियाणा में सोनिया जी के दामाद राबर्ट वाड्रा के फंसने के बाद आइएएस अधिकारी खेमका का स्थानांतरण कर दिया गया था।

इसी तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित किया था। वह भी जमीन के मामले थे और वहां भी उनके दामाद फंस रहे थे। इसलिए उनको पीएम को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए ताकि दोनों मामलों में भी न्याय मिल सके।'

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने सोनिया की चिट्ठी को आंखों में धूल झोंकने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो उनके प्रवक्ता मस्जिद की अवैध दीवार गिराए जाने का विरोध करते हैं, वहीं अब जनता का गुस्सा देखकर चिट्ठी लिखने का नाटक किया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार है और उन्हीं के प्रधानमंत्री, लिहाजा चिट्ठी का नाटक बंद करना चाहिए।

किसने, क्या कहा

'ऐसा माना जा रहा है कि गलत तरीके से दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन किया गया है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ नाइंसाफी न हो।'

- सोनिया गांधी

'वह राबर्ट वाड्रा की संपत्ति पर कार्रवाई करने वाले हरियाणा और राजस्थान के आइएएस अधिकारियों की प्रताड़ना पर पीएम को दो चिट्ठियां और लिखें।'

-नरेश अग्रवाल, सपा महासचिव

'पीएम को पत्र लिखकर सोनिया गांधी औपचारिकता निभा रही हैं। सपा के समर्थन से उनकी सरकार चल रही है। अगर वे (कांग्रेस-सपा) चाहें तो मसले का समाधान निकल सकता है।' - 
शाहनवाज हुसैन, भाजपा प्रवक्ता

देश को राम की देन हैं मोदी

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही विकास और सशक्त भारत के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हों, लेकिन विश्व हिंदू परिषद [विहिप] उनकी हिंदुत्ववादी छवि को परोसने की कोशिश कर रहा है। रामलला के सामने मोदी के करीबी अमित शाह के भव्य मंदिर बनने की प्रार्थना के बाद अब विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल ने उन्हें भारत को राम की देन करार दिया है।

लोकसभा चुनाव के पहले रामजन्मभूमि आंदोलन के कार्यक्रमों का एलान करने आए अशोक सिंहल पहले तो मोदी पर बोलने से बचते रहे, लेकिन सवालों के जवाब के दौरान उन्होंने कहा कि पूरा भारत नरेंद्र मोदी को हिंदुत्व का प्रतीक मानता है। बकौल सिंहल, 'मोदी भारत को राम की देन हैं।

गोधरा में रामभक्तों को जलाया गया तो 72 घंटे के भीतर ही मोदी का जन्म हुआ।' उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी हमारा काम जरूर करेंगे। लेकिन अगले क्षण उन्होंने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मंदिर निर्माण का कोई विरोध नहीं करेगा।

संसद के मानसून सत्र में विवादित स्थल को रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए सौंपने का प्रस्ताव पारित करने की मांग करते हुए सिंहल ने कहा कि ऐसा नहीं होने की स्थिति में देश भर के संत 25 अगस्त से 84 कोसी परिक्रमा शुरू करेंगे। 13 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सभी प्रांतों के संत भाग लेंगे।
उन्होंने उत्तार प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को इस यात्रा में अड़चन नहीं डालने की चेतावनी दी। 84 कोसी परिक्रमा के एक माह बाद 18 अक्टूबर को हिंदू समाज अयोध्या में सरयू के तट पर राममंदिर निर्माण का महासंकल्प करेगा। इन दो कार्यक्रमों के बीच में दक्षिण भारत के चार राज्यों के संत पंचकोसी परिक्रमा करेंगे।

शत्रुघ्न सिन्हा के खिलाफ होगी कार्रवाई

पालमपुर, [जागरण संवाददाता]। भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा की बयानबाजी से आजिज पार्टी ने अब उनके खिलाफ कार्रवाई का मन बना लिया है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव जगत प्रकाश नड्डा ने संकेत दिया कि सिन्हा के गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेता अमिताभ की लोकप्रियता को लेकर दिए बयान का संज्ञान लेकर समुचित कार्रवाइ की जाएगी। नड्डा शनिवार को पालमपुर में प्रदेश भाजपा के अभ्यास वर्ग के दूसरे दिन पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव अभियान समिति और प्रबंधन समिति चुनाव के मद्देनजर योजनाओं को आगे ले जाने के लिए ताकत लगा रही है।

नड्डा ने कहा कि नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता और राजनाथ की देखरेख में भाजपा लोकसभा चुनाव लड़ेगी। लालकृष्ण आडवाणी भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं तथा मोदी भी प्रचार समिति के अध्यक्ष हैं। भाजपा में किसी तरह का मतभेद नहीं है। अभ्यास वर्ग में कार्यकर्ताओं के साथ आने वाले चुनाव के मद्देनजर पार्टी को और अधिक मजबूती प्रदान की जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश की चारों सीटें भाजपा की झोली में आएंगी और इसके लिए प्रदेश भाजपा ने कमर कस ली है और जहां तक टिकट का सवाल है उसके लिए उचित समय पर फैसला होगा।

उन्होंने एचपीसीए के मुद्दे को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह वर्तमान सरकार और वीरभद्र सिंह की एक सोची समझी चाल है। कांग्रेस जब भी सत्ता में आती है तब ऐसा ही करती है। सांसद राजन सुशांत के वापस पार्टी में आने के बारे में नड्डा ने कहा कि वह अभी पार्टी से निलंबित चल रहे हैं ऐसे में इस मसले पर वह अभी बात नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि हर प्रदेश में चुनाव प्रबंधन का काम तीव्र गति से चल रहा है। नड्डा ने दावा किया कि आगामी चुनाव में पार्टी हिमाचल में चारों सीटें जीतेगी।

भाजपा ने कभी नहीं किया सिद्धांतों से समझौता: शांता

भाजपा के तीन दिवसीय अभ्यास वर्ग के दूसरे दिन राज्यसभा सदस्य शांता कुमार ने भाजपा के इतिहास को उज्जवल, शानदार और गौरवशाली बताते हुए उन परिस्थितियों का वर्णन किया जिनकी वजह से पहले जनसंघ और बाद में भाजपा का गठन हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा ने अपने गौरवशाली इतिहास के दौरान कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और कार्यकर्ताओं ने पार्टी के सिद्धांतों पर निष्ठा जताते हुए कड़ी मेहनत की। ऐसे में वर्तमान में कार्य कर रहे कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे पार्टी की विचारधारा के प्रति अडिग रहते हुए ईमानदारी व भ्रष्टाचार से समझौता नहीं करें।

मैच के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम बना क्रिकेट स्कूल, हुआ कुछ ऐसा..

अपने ही घर में भारत द्वारा पांच वनडे मैचों की सीरीज में 0-5 से रौंदे जाने के बाद मेजबान जिंबॉब्वे टीम के कोच एंडी वॉलर ने अपने खिलाड़ियों से वह करवाया जो बहुत कम ही देखने को मिलता है। वॉलर चैंपियन भारतीय टीम से इतना प्रभावित हुए कि उन्होंने अपने खिलाड़ियों को भारतीय ड्रेसिंग रूम भेज दिया ताकि उनके खिलाड़ी विराट के धुरंधर से क्रिकेट की जरूरी टिप्स ले सकें।

पांचवें वनडे के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए जिंबॉब्वे के कोच एंडी वॉलर ने कहा, 'वे (जिंबॉब्वे के खिलाड़ी) अब ड्रसिंग रूम (भारतीय) में हैं ताकि भारतीय खिलाड़ियों से बात कुछ बात कर सकें। यह सबसे सही समय है जब वे चेंजिंग रूम में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों से आमने-सामने बात करके उनसे कुछ सीख ले सकते हैं। हमारे खिलाड़ी इस मामले में थोड़े कमजोर हैं और वे जल्दी घुलमिल नहीं पाते, वह जल्दी किसी से क्रिकेट के जरूरी सवाल नहीं पूछ पाते, लेकिन ऐसे ही पूछकर आप सीखते हो, और मुझे लगता है कि हम इस हिचकने की परंपरा को बदल पाएंगे। मुझे उम्मीद है कि भारतीय खिलाड़ियों से वे कुछ सीख सकेंगे।' वहीं कोच वॉलर ने इस सीरीज में भारत की कप्तानी संभालने वाले विराट कोहली की भी जमकर तारीफ की। वॉलर ने कहा, 'आप कोहली जैसे खिलाड़ी को उद्हारण के तौर पर पेश करना चाहोगे, वह आउट हो जाने वाले शॉट्स बेहद कम खेलता है। वह अच्छा और आसान क्रिकेट खेलता है और गैप ढूंढने में सफल रहता है। हम अपनी टीम के साथ भी यही करने की कोशिश में जुटे हैं ताकि उनको ऐसा ही खेलने के लिए प्ररित कर सकें।'

वॉलर ने कहा कि जिंबॉब्वे की सफलता और हुनर बाहर लाना एक लंबा काम है, यह वह काम नहीं जो हम एक-दो महीनों के अंदर करके दिखा दें। मैं बहाने बनाने की कोशिश नहीं कर रहा, लेकिन यह लंबा काम है और काफी कुछ मनोबल पर निर्भर करता है। हमें उम्मीद है कि श्रीलंका दौरे के अंत तक हम ऊंचे स्तर पर क्रिकेट खेलकर अपने खेल में जरूरी सुधार लाने में सफल रहेंगे।

कोहली के धुरंधरों ने जिंबॉब्वे को 5-0 से रौंदा

बुलावायो। अमित मिश्रा की कहर बरपाती गेंदबाजी और अजिंक्य रहाणे के शानदार अर्धशतक की बदौलत भारत ने सीरीज के पांचवें और आखिरी एकदिवसीय मुकाबले में जिंबॉब्वे को 7 विकेट से हराया। इसी के साथ भारत ने यह सीरीज 5-0 से जीत ली।

जिंबॉब्वे से जीत के लिए मिले 164 रनों के लक्ष्य को भारत ने तीन विकेट के नुकसान पर 34 ओवर में ही हासिल कर लिया। भारत की ओर से सलामी बल्लेबाज के तौर पर शिख्रर धवन और चेतेश्वर पुजारा बल्लेबाजी के लिए उतरे। इससे पहले की दोनों भारतीय सलामी जोड़ी टीम को अच्छी शुरुआत दे पाती, चेतेश्वर पुजार बगैर खाता खोले पवेलियन लौट गए। पुजारा को जारविस ने आउट किया। इसके बाद शिखर धवन का साथ देने अजिंक्य रहाणे आए । दोनों के बीच 55 रनों की साझेदारी ही हो पाई थी कि जारविस की गेंद पर शिखर धवन 41 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर ब्रैंडन टेलर को कैच थमा पवेलियन लौट गए। इसके बाद अजिंक्य रहाणे का साथ देने रविंद्र जड़ेजा आए। दोनों ने संभलकर खेलते हुए टीम के स्कोर को 126 रन ही पहुंचा पाए थे कि रहाणे मैल्कम वॉलर की गेंद पर बोल्ड हो गए। रहाणे ने अपनी अर्धशतकीय पारी में चार चौके और एक छक्का लगाया। रहाणे और रविंद्र जड़ेजा के बीच तीसरे विकेट के लिए 71 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। इसके बाद जडेजा का साथ देने के लिए दिनेश कार्तिक आए। दोनों ने संभलकर खेलते हुए 34 ओवर में भारतीय टीम को सात विकेट की जीत दिला दी। रविंद्र जडेजा ने 48 और दिनेश कार्तिक 10 रन बनाकर नाबाद लौटे। जिंबॉब्वे की ओर से काइल जारविस ने 2 और मैल्कम वॉलर ने एक विकेट लिए।

इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम को पहली सफलता जयदेव उनाद्कट ने दिलाई। उन्होंने वुसी सिबांदा को 5 के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। इसके बाद मोहित शर्मा ने जिंबॉब्वे को दूसरा को झटका दिया। उन्होंने ब्रेंडन टेलर को खाता भी नहीं खोलने दिया और सुरेश रैना के हाथों कैच आउट करा दिया। पारी अभी संभली भी नहीं थी कि मोहम्मद शामी ने अपने पहले ओवर की दूसरी गेंद पर ही मारुमा को 4 के निजी स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। 15 ओवर समाप्त होते ही ड्रिंक्स की घोषणा हुई। इसके बाद पहली ही गेंद पर रवींद्र जडेजा ने मस्कदजा को 32 के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया।

इसके बाद जिंबॉब्वे के शेष 6 विकेट अमित मिश्रा ने अपने नाम किए। उन्होंने पहले मैल्काल्म वॉलर को 8 के निजी स्कोर पर मोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराया। इसके बाद चिगुंबुरा को 17 के निजी स्कोर पर पगबाधा आउट किया और फिर उसी ओवर में मुटोम्बोडजी (4) को आउट किया। इसके बाद उन्होंने सीन विलियम्स को आउट किया। आउट होने से पहले विलियम्स ने अर्धशतकीय पारी खेली और 51 रन बनाकर आउट हुए। अमित मिश्रा ने अपना पांचवां शिकार मुशांग्वे (16) को बनाया, जबकि उनके छठे शिकार ब्रायन विटोरी (4) बने। कायले जार्विस 12 रन बनाकर नाबाद रहे। इस तरह जिंबॉब्वे की पूरी टीम 39.5 ओवर में 163 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।

कप्तान विराट कोहली ने एकबार फिर भारतीय टीम में शामिल होने वाले जम्मू-कश्मीर के पहले क्रिकेटर परवेज रसूल अंतिम एकादश में शामिल नहीं किया। वहीं, कोहली ने अजिंक्य रहाणे खेलने का मौका दिया, जबकि रोहित शर्मा को आराम दिया गया।

दुबई मेट्रो में भारतीय को धोती पहनकर यात्रा करने से रोका

दुबई। दुबई की मेट्रो ट्रेन में 67 साल के एक भारतीय को सिर्फ इसलिए सफर करने से रोक दिया गया कि उसने पारंपरिक परिधान धोती पहन रखी थी।

पीड़ित व्यक्ति की बेटी मधुमती ने बताया कि रविवार को एतिसलात मेट्रो स्टेशन के पंचिंग गेट के निकट एक पुलिसकर्मी ने उन्हें रोका और कहा कि उनके पिता ने जो पहनावा पहन रखा है, उसकी यहां इजाजत नहीं है और वह यह पहनकर मेट्रो में नहीं जा सकते हैं।

एक स्थानीय समाचार पत्र को मधुमती ने बताया कि मैंने पुलिसकर्मी से आग्रह किया कि हमें अंदर जाने दिया जाए, लेकिन उसने हमें अनसुना कर दिया। वाकई में यह शर्मिदा करने वाली बात है और मेरे पिता बहुत परेशान थे।

उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मी को यह समझाने का पूरा प्रयास किया कि धोती एक पारंपरिक भारतीय लिबास है, जो शरीर को पूरी तरह ढकती है।

मधुमती ने कहा कि उनके पिता यहां कई बार धोती पहनकर मेट्रो में घूम चुके हैं, लेकिन किसी ने नहीं रोका था।

सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण के अनुसार, यात्रा को लेकर कोई ड्रेस कोड तय नहीं है। मधुमती ने इस मामले में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज करवा दी है।

अब राजस्थान में एसपी को मिली ईमानदारी की सजा

जैसलमेर। ग्रेटर नोएडा की पूर्व एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को ईमानदारी की सजा निलंबन के रूप में मिलने के बाद अब जैसलमेर के एसपी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है।

खबर है कि एसपी पंकज चौधरी ने पोखरण से कांग्रेस विधायक सालेह मोहम्मद के पिता गाजी फकीर के खिलाफ पुराना केस खोला और उनका तबादला कर दिया गया। बताया जाता है कि गाजी पुराना हिस्ट्रीशीटर है।
एसपी पंकज चौधरी के तबादले की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं। वे तबादले का विरोध कर रहे हैं। हालांकि शुक्रवार को राजस्थान में पंकज चौधरी के साथ-साथ 49 आइएएस और आइपीएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं।
80 साल के गाजी फकीर के खिलाफ बीते तीन सालों में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई थी। उस पर 1965 से ही कई केस चल रहा था जिन्हें 2011 में एक कार्यवाहक एसपी ने बंद कर दिया था।

Friday, 2 August 2013

बीसीसीआइ की बैठक टली, श्रीनिवासन की अध्यक्षता बना विवाद

नई दिल्ली। आज बीसीसीआइ की चर्चित कार्यसमिति की बैठक एक बार फिर सुर्खियों में आ गई। पहले से ही विवादों में चल रहा बोर्ड और उसकी यह बैठक अब नया ट्विस्ट लेती नजर आ रही है। दिल्ली में आज होने वाली इस बैठक को टाल दिया गया है और इसका कारण बना है श्रीनिवासन की अध्यक्षता। यानी मतलब साफ है कि बोर्ड के अंदर के मतभेद अब हंगामा पैदा करने लगे हैं। जगमोहन डालमिया फिलहाल शीर्ष पद पर बने रहेंगे।
बॉम्बे हाई कोर्ट के स्पॉट फिक्सिंग मामले में बोर्ड की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बाद यह पहला मौका था जब बोर्ड के सभी दिग्गज एक जगह इकट्ठे होंते, लेकिन खबरों के मुताबिक अंदरूनी कलह इतनी बढ़ चुकी है कि बैठक को टालना ही बेहतर समझा गया। दरअसल, शुरू से ही यह खबरें थीं कि बोर्ड में गुटबाजी शुरू हो चुकी है और कुछ लोग वहां मौजूद हैं जो श्रीनिवासन को अध्यक्ष पद पर देखना नहीं चाहते। एन. श्रीनिवासन, जिनके बारे में बताया जा रहा था कि वह आज से बीसीसीआइ अध्यक्ष की कुर्सी दोबारा संभाल सकते हैं, उनकी इस मंशा व इरादों को अब धक्का जरूर लगा होगा।
बीसीसीआइ सचिव संजय पटेल ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि बोर्ड की अध्यक्षता एक बार फिर श्रीनिवासन ही कर सकते हैं। वहीं, इस बैठक को लेकर सबकी उत्सुकता इसमें भी थी कि क्या बीसीसीआइ हाल के विवादित मुद्दों पर कोई फैसला लेती है या नहीं लेकिन उससे पहले ही बैठक को टालने का फैसला सामने आ गया।
गौरतलब है कि बॉम्बे हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद कि फिक्सिंग व सट्टेबाजी मामले में बोर्ड की जांच समिति गैरकानूनी थी, तभी से इस मामले ने बोर्ड को पूरी तरह से घेर लिया था। वहीं, दूसरी तरफ खबरों में कल यह भी छाया रहा कि क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल के जिस कर्मी ने बीसीसीआइ के खिलाफ याचिका दायर की थी, उसे भी रिश्वत देने व धमकाने की कोशिश की गई है। अब बस देखना यही होगा कि बोर्ड इस बैठक को लेकर क्या फैसला लेती है और इस मामले में और कितने मोड़, और कितने ट्विस्ट सामने आते हैं।

टीवी अभिनेत्री से यौन शोषण के आरोप में प्रोड्यूसर गिरफ्तार

मुंबई। मुंबई पुलिस ने एक टीवी सीरियल की अभिनेत्री का यौन शोषण करने के आरोप में एक प्रोडक्शन हाउस के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर को गिरफ्तार किया है। 28 वर्षीय इस अभिनेत्री ने आरोप लगाया है कि प्रोड्यूसर ने कंपनी में दो दिसंबर का उसका यौन शोषण किया।

पुलिस में डेढ़ महीने बाद बुधवार को शिकायत दर्ज कराने के संबंध में पूछे जाने पर अभिनेत्री ने बताया कि वह डर के कारण शिकायत करने से बच रही थी। अभिनेत्री ने कहा कि उसके पति की शिकायत के बाद आरोपी जमील खान को प्रोडक्शन हाउस से निकाले के बाद उन्हें धमकी भरे कॉल आने लगे। इसके बाद उसे पोवई पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस शिकायतकर्ता और आरोपी की मेडिकल जांच करवा रही है।

पोवई थाने के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर बाजीराव भोंसले ने कहा कि आरोपी को आइपीसी की धारा 342, 376 और 501 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपी ने अभिनेत्री से संबंध होने का दावा किया है। वहीं अभिनेत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि शुरुआत में वह छेड़छाड़ और करीब आने की कोशिश करता रहा लेकिन एक दिन स्टूडियो के मेकअप रूम में जबरदस्ती करने लगा लेकिन किसी तरह वह वहां से निकल गई। बाद में चार दिन बाद काफी हिम्मत जुटाने के बाद उसने अपने पति को सारी बात बताई।

सपा नेता की बदजुबानी, बोले अधिकारियों की पूंछ सीधी नहीं..

नई दिल्ली। नोएडा की निलंबित एसडीएम और आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को लेकर चल रही बयानबाजी पर सपा के नेतागण तमाम हदें पार कर रहे हैं। जहां एक ओर इस निलंबन के लिए जिम्मेदार समझे जा रहे नोएडा के ताकतवर सपा नेता नरेंद्र भाटी ने दुर्गा शक्ति को बेहूदा करार दिया, वहीं दूसरी ओर सपा के प्रदेश महासचिव डॉ. चंद्र प्रकाश राय ने प्रशासनिक अधिकारियों पर अभद्र टिप्पणी की है। डॉ. राय ने कहा कि अधिकारियों की पूंछ सीधी होने को तैयार नहीं होती है। उनके इस अमर्यादित बयान की घोर निंदा करते हुए बीजेपी की प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने जागरण डॉट कॉम से बात करते हुए टिप्पणी की है कि इस बयान से स्पष्ट है कि सत्ता में रहते हुए सपा नेताओं के दिमाग वाकई टेढ़े हो गए हैं।

वहीं आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल को महज 41 मिनट में निलंबित करवाने की बात भरी सभा में कहने वाले यूपी एग्रो के चेयरमेन नरेंद्र भाटी अब अपनी बात से पलट गए हैं। भाटी का कहना है कि उनका बयान तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात कर उन्होंने ही महज 41 मिनट में आइएएस अधिकारी दुर्गा का निलंबन करवाया था।

बादलपुर में हुई एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यहां तक कहा कि जिस औरत ने इतनी बेहूदगी दिखाई वह उसे 40 मिनट नहीं झेल पाई। महज 41 मिनट में उसके निलंबन का आदेश लखनऊ से पास होकर जिला कलेक्टर के पास आ गया और हुक्म की तामील भी हो गई।

दुर्गा का निलंबन सही: अखिलेश

भाटी ने इसको अपनी और लोकतंत्र की ताकत बताया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले साढ़े दस बजे उन्होंने सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से बात की। उसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री से बात की और महज 41 मिनट में दुर्गा को निलंबित करवा दिया।

डीएम की रिपोर्ट से खुली यूपी सरकार की पोल

दुर्गा पर जिस मस्जिद की दीवार को गिराने का आरोप लगाते हुए सांप्रदायिक सदभाव बिगाड़ने की कोशिश करार दिया गया है उस मस्जिद का शिलान्यास नरेंद्र भाटी ने ही किया था। हालांकि अब वह इस बात को झूठ बता रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने इस मस्जिद के लिए केवल सहयोग राशि ही दी थी, शिलान्यास नहीं किया था।

यूपी सरकार के लिए गले की हड्डी बना दुर्गा का निलंबन

दुर्गा के निलंबन के बाद अब इस पर सियासत भी गरमा गई है। सरकार पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने अवैध खनन माफिया को बचाने के लिए ही दुर्गा का निलंबन किया है। हालांकि मुख्यमंत्री ऐसा नहीं मानते हैं। गौरतलब है कि दुर्गा ने जिले में अवैध खनन करने वालों का काफी सामान जब्त कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कराने के आदेश दिए थे।

'शॉटगन' ने दागी 'गोली', कहा-अमिताभ तो मोदी से भी ज्यादा लोकप्रिय

नई दिल्ली। एक बार फिर 'शॉटगन' ने बगावती तेवर दिखाएं हैं। सिने अभिनेता व भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि इन्हें प्रचार कमेटी की कमान सौंपने में जल्दबाजी हुई है। इतने पर ही नहीं रुके बिहारी बाबू। बगावती बोल जारी रखते हुए कहा कि यदि लोकप्रियता की बात की जाए तो मोदी से ज्यादा लोकप्रिय तो अमिताभ हैं।

वैसे आज कोई पहली बार 'शॉटगन' ने गोली नहीं दागी है। इससे पहले भी मोदी पर तंज और वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के गुणगान गाते रहे हैं। वैसे पार्टी भी इशारों में इन पर कार्रवाई की बात कर चुकी है। बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष सीपी ठाकुर ने कहा था कि इन पर कार्रवाई होगी। पटलवार करते हुए ठाकुर ने तो नीतीश कुमार और बिहारी बाबू, दोनों को शानदार एक्टर करार दिया था।

Thursday, 1 August 2013

मुख्यमंत्री को औकात में ले आएगी जनता : सुमो

पटना : भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुशील कुमार मोदी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा भाजपा को औकात में लाने व 'पुनर्मूषको भव' कहना हताशा व निराशा का परिचायक है। आगामी लोकसभा चुनाव में जनता उनको पुराने औकात में ले आएगी। मोदी, बुधवार को संवाददाताओं से बात कर रहे थे।
मोदी ने कहा कि कुछ समझ में नहीं आता है कि भाजपा के अलग होने से शालीन माने जाने वाले मुख्यमंत्री किस स्थिति में कभी छपास की बीमारी तो कुर्सी से चिपके रहने की बात करने लगे हैं। यह सब हताशा में कहा जा रहा है। मोदी बोले कि जनता के वोट में इतनी ताकत है कि वह चूहे को शेर व शेर को चूहा बना देती है। सत्ता विरोधी लहर में तो जनता के रोष का सामना तो उसको करना पड़ता है जो सत्ता में होता है। नीचे वही गिरता है। विपक्ष में बैठा व्यक्ति तो ऊपर उठता है। ऐसी स्थिति में 'पुनर्मूषको भव' तो मुख्यमंत्री को होना है। मुझे तो ऊपर ही पहुंचना है। प्रदेश की जनता राजद को नहीं स्वीकार करेगी। उन्होंने भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा की बातों पर कोई टिप्पणी से इंकार करते हुए कहा कि वे हमलोगों के वरिष्ठ नेता हैं। उनपर कोई टिप्पणी केंद्रीय नेतृत्व ही कर सकता है।

भाजपा के बाबत बोले नीतीश, औकात में ला देंगे

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को बिहार विधानसभा में विपक्ष (खासकर भाजपा) पर खूब बरसे। बोले-'हमारी बात सुनने का धैर्य नहीं है। तितकी लग रही है। जब हमारे साथ थे, तब तितकी नहीं लगती थी। औकात में ला देंगे। फिर से वहीं जाएंगे जहां वे थे। पुनर्मूषको भव की स्थिति होगी। आश्चर्य है, हमसे इतना भयभीत क्यों हैं? जब अपनी बात कहते हैं तब हमलोग सुनते हैं। जब हमलोग कहते हैं तो भाग खड़े होते हैं। हंगामा खड़ा करते हैं।' मुख्यमंत्री, सदन में बोधगया मंदिर विधेयक-2013 पर अपनी बात रख रहे थे। असल में जब वे बोलने को खड़े हुए, भाजपा सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर चले गए।
मुख्यमंत्री ने कहा-'मेरे नाम पर जनता से वोट मांगते थे और अब कुतर्क कर रहे हैं। उन्माद की राजनीति करने वाले फिर से उसी दिशा में बढ़ना चाहते हैं। मगर यह नहीं भूलें कि जनता उनके बहकावे में नहीं आ सकती बल्कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले को धर्मनिरपेक्ष जनता मुंहतोड़ जवाब देगी।'
उन्होंने विपक्ष के बातों को हल्के में लेते हुए कहा कि बात का बतंगड़ बनाना चाहते हैं। हम विपक्ष का कुतर्क सुनते रहें। मगर हमारी तर्कसंगत बातों को सुनने का उनमें धैर्य ही नहीं है। इसलिए उत्पात खड़ा करते हैं। इनकी मंशा गड़बड़ी की पैदा करने की रहती है। इससे पता चलता है कि इनसे पिंड छुड़ाने का हमारा फैसला सही था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विधेयक के नाम पर जो माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, उसे किसी कीमत पर सफल होने नहीं दिया जाएगा। राजद के अब्दुल बारी सिद्दिकी ने चुटकी ली। सिद्दिकी बोले-उन्हें (भाजपा) इतना मजबूत तो आपने ने ही किया। आडवाणी जी के 'पीएम' बनने पर 'स्पेस' खाली छोड़ रखा है। लोकसभा चुनाव के बाद आप कांग्रेस में जाएंगे या भाजपा में? नीतीश ने कहा-'आप तो ऐसे नहीं थे। आपको भी समझने में चूक हुई। इतने दिनों से आपसे बहुत उम्मीद किए हूं लेकिन हमें निराश कर रहे हैं।' सदन में ठहाका लगा। मुख्यमंत्री बोले-अब हमारा उनसे (भाजपा) मिलना नामुमकिन है। जनता ने विपक्ष में बैठने का अधिकार सिद्दीकी जी को दिया था। मगर कभी जो मेरे (सुशील कुमार मोदी मोदी) साथ बैठते थे अब दूसरे सदन (विधान परिषद) में जनादेश का उल्लंघन कर विपक्ष की कुर्सी को हथिया लिये हैं। यहां भी सदन में वे (नंदकिशोर यादव) छड़प कर विपक्ष की कुर्सी पर बैठ गए हैं और सिद्दीकी जी को किनारे कर दिए हैं।'
सर्वोच्च न्यायालय में सरकार ने दाखिल किया है शपथ पत्र : मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि विधेयक का उद्देश्य बहुत ही पवित्र है। आज जो परिस्थितियां हैं उसके मद्देनजर यह संशोधन विधेयक लाया गया है। इसमें केवल यह प्रावधान किया गया है कि मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष जिलाधिकारी ही होंगे। पूर्व के प्रावधान यह है कि डीएम कमेटी के अध्यक्ष होंगे और वह हिन्दू नहीं होगा तब गैरहिन्दू होगा। सदन में संशोधन विधेयक लाने से पहले राज्य सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में शपथ पत्र भी दाखिल किया गया है। ब्लास्ट की घटना से यह विधेयक का कोई लेना-देना नहीं है। अप्रैल में ही संशोधन विधेयक लाने का विचार था। 1949 में महाबोधि मंदिर संबंधी जो कानून बना है वह बिल्कुल सहीं है। उसी कानून में मंदिर प्रबंधन कमेटी बनाने का अधिकार राज्य सरकार को दिया गया है।

नौकरी के लिए बेटे ने करा दी पिता की हत्या

दरभंगा : जिले के बेनीपुर व्यवहार न्यायालय के अपहृत लिपिक रामसेवक यादव की हत्या कर दी गई। बेटे और दामाद ने ही अपहरण और हत्या की पूरी साजिश रची थी। लिपिक बाप की नौकरी हथियाने के लिए बेटे ने बहनोई के साथ मिलकर गैंगेस्टर विक्रम चौधरी से सुपारी के तौर पर तीन लाख में बात तय की थी। दरभंगा पुलिस प्रशासन ने मंगलवार की शाम इसका खुलासा करने के साथ ही कांड के उद्भेदन का दावा किया है।
एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि हत्या के आरोप में लिपिक के एक पुत्र विनय कुमार यादव और दामाद सुशील कुमार यादव के अलावा राजन कुमार सिंह, अजीत पासवान, समीर कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। जबकि चार अन्य आरोपियों में कुख्यात नशाखुरानी गिरोह का सरगना विक्रम चौधरी, तूफान, दूबे व अवधेश कामती की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से सुपारी की रकम के बचे पैसे 32,000 नकद, 14 मोबाइल, छह सिम, दो सोने का मंगलसूत्र,दो चेन,लॉकेट, कान का झुमका व एक पल्सर बाइक भी बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक,राम सेवक का शव अपहरण के दूसरे ही दिन 25 जुलाई को मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर थाना क्षेत्र के बरजी स्थित एक पुल के नीचे से बरामद हुआ। गला दबाकर लिपिक की हत्या करने के सबूत मिले थे। मुजफ्फरपुर पुलिस ने शव को लावारिश मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था। वहां रखे कपड़े और चप्पल आदि से मृतक के बड़े पुत्र विजय कुमार यादव ने शव की शिनाख्त की।

इलाहाबाद में डूबा एसटीपी

लखनऊ। सावन में इलाहाबाद में गंगा व यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। गंगा के कहर का शिकार नदी का तटीय क्षेत्र तो बना ही है, लेकिन तेज बहाव के कारण पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), राजापुर में घुस गया। जिससे एसटीपी में 7 मीटर की दरार पड़ गई।
एसटीपी को जोड़ने वाला बांध भी पानी में डूब गया है। पानी घुसने से एसटीपी के सभी उपकरण बंद हो गए और काम कर रहे दर्जनों कर्मचारियों को नाव के सहारे बाहर निकाला गया। गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण 60 एमएलडी क्षमता वाले इस एसटीपी पर संकट के बादल गंगा का पानी बढ़ते ही मंडराने लगे थे। फिर भी कर्मचारियों ने काम किया। कल सुबह मेंहदौरी कछार से एसटीपी को जोड़ने वाले बांध के उस हिस्से से गंगा का पानी अंदर प्रवेश कर गया,जहां बांध की ऊंचाई कम है। इससे एसटीपी के उपकरण बंद हो गए और काम कर रहे कर्मचारी पानी में फंस गए। मामले की जानकारी पर कंपनी के अधिकारी मौके पर पहुंच गए और नाव की मदद से फंसे कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। कर्मचारियों को बचाने के बाद अफसर सभी उपकरणों को बचाने में लगे जिससे कि संयंत्र का संचालन होता है। बांध का निर्माण 10.30 मीटर होना है लेकिन अभी 5 से 9 मीटर तक निर्माण हो सका है।
उल्लेखनीय है कुंभ मेले के दौरान 30 एमएलडी पानी का ट्रीटमेंट कंपनी ने शुरू करा दिया था,जबकि 30 एमएलडी शोधन के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक अफसर ने बताया कि नुकसान का आकलन पानी निकलने के बाद ही हो सकेगा,लेकिन पानी घुसने से खराब होने वाले यंत्रों एवं बांध के क्षतिग्रस्त होने से पुनरोद्धार पर आने वाला खर्च 40-50 करोड़ में अनुमानित है। इसके पहले 2011-12 में भी एसटीपी डूब गया था। जलस्तर वृद्धि की रफ्तार यही रही तो ममफोर्डगंज एसटीपी का गेट भी बंद करना पड़ सकता है।
उधर, सलोरी एसटीपी में दरार को पाटने के लिए जलनिगम ने सिंचाई विभाग से मदद मांगी है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा ने बताया कि दरार को बोल्डर एवं बालू की बोरी से भरने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
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गलत जगह बना एसटीपी : कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के बाद भी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने राजापुर में एसटीपी निर्माण की मंजूरी दी। निर्माण के समय सिंचाई विभाग ने इस पर आपत्ति भी की थी, लेकिन अफसरों ने उस पर ध्यान नहीं दिया। एसटीपी पर बाढ़ का संकट बार-बार आएगा।
परियोजना प्रबंधक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जेपी मणि ने कहा कि एसटीपी के पास बांध बनाया जाना था लेकिन ठेकेदार ने शरारत की। उसने काम पूरा नहीं किया। जनवरी के बाद से कंपनी का काम भी बहुत धीमा चल रहा है। इसके लिए उसे नोटिस भी दी गई है, कि सितंबर तक काम में प्रगति नहीं आई तो दूसरे को जिम्मेदारी दे दी जाएगी। बांध बनने पर एसटीपी पर बाढ़ का कोई खतरा नहीं रहेगा।

आईएएस दुर्गा की छीन ली 'शक्ति', अब मुखिया दे रहे हैं सफाई

नई दिल्ली। नोएडा की एसडीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को सस्पेंड किए जाने का विवाद बढ़ता जा रहा है और राज्य की राजनीति गर्मा गई है। दुर्गा को सस्पेंड किए जाने के विरोध में यूपी आईएएस एसोसिएशन के पदाधिकारी राज्य के कार्यकारी मुख्य सचिव से मिलने पहुंचे हैं।

ईमानदारी का इनाम निलंबन
बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि दुर्गा शक्ति नागपाल को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि उन्होंने वहां पर खनन माफिया के खिलाफ अभियान चला रखा था। खनन माफिया से उसने लाखों का राजस्व वसूला।

यह तो खनन माफिया की जीत है
भाजपा नेता कलराज मिश्रा ने कहा कि नागपाल के खिलाफ प्रदेश सरकार की कार्रवाई साबित करती है कि वह माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को पसंद नहीं करती है।
आखिर उसने कौन सी गलती की थी। यह समझ से परे है लेकिन यह महसूस होता है कि उन्हें माफिया के दबाव के चलते निलंबित किया गया।

उधर सफाई में सूबे के मुखिया अखिलेश यादव ने ट्विटर पर लिखा है कि यह प्रशासनिक फैसला है। उन्होंने एक धार्मिक स्थल की दीवार को गिराने का आदेश दिया था।


दुर्गा का निलंबन उधर दो दिन में माफिया ने बनाए करोड़ों

जागरण संवाददाता, ग्रेटर नोएडा। हिंडन और यमुना नदी में अवैध तरीके से बालू निकालने का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। खनन माफिया हर रोज सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लगाकर करोड़ों रुपये का खेल कर रहे हैं। एसडीएम दुर्गा नागपाल के निलंबन एवं खनन निरीक्षक आशीष कुमार के तबादले के बाद से खनन माफिया की चांदी कट रही है। पिछले दो दिन में सर्वाधिक अवैध खनन हुआ है। सैकड़ों डंपर, जेसीबी मशीन, पॉपलेन और ट्रैक्टर ट्राली खनन में लगे हैं। दूसरी ओर दनकौर ब्लॉक क्षेत्र के कादलपुर गांव में धार्मिक स्थल तोड़ने जाने से ग्रामीणाों में गुस्सा बरकरार है।

भूमाफिया को भी दुर्गा ने डाली थी नकेल

एहतियातन सोमवार को भी गांव में पुलिस बल तैनात रहा। धार्मिक स्थल की जगह पर पुलिस मुस्तैद रही। गांव की गलियों में भी पुलिस ने गश्त की। कुछ ग्रामीणों ने धार्मिक स्थल पर निर्माण का सोमवार को फिर प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया। अवैध तरीके से बालू गोरखधंधा पिछले कई वर्षो से चला आ रहा है। जिस अधिकारी ने भी इसको रोकने के लिए खनन माफिया की गिरेबान में हाथ डाला, उसे खामियाजा भुगतना पड़ा।

आईएएस दुर्गा पर अन्याय पर उबाल

कई अधिकारियों पर जानलेवा हमले भी हुए। सत्ता के दबाव में पुलिस प्रशासन खनन माफिया के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पाया। खनन का खेल दिनभर मीडिया की सुर्खियों में रहने के बावजूद उन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने अन्य दिनों की भांति सोमवार को भी अपना गोरखधंधा बदस्तूर जारी रखा।

दरअसल उत्तराखंड में आई आपदा के बाद जून में यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बन गई थी। बाढ़ के पानी के साथ बड़ी मात्र में बालू भी आ गया था। जलस्तर घटने के बाद बालू खेतों में जमा रह गया। इसको निकालने के लिए अब खनन माफिया में होड़ लगी हुई है। जैसे ही बारिश बंद होती है, खनन माफिया बांध के किनारे के खेतों से बालू निकालने में लग जाते हैं। जिला प्रशासन खनन माफिया पर कोई लगाम नहीं लगा पा रहा है। इससे प्रदेश सरकार को राजस्व का चूना लग रहा है। नियमानुसार 33 रुपये प्रति घन मीटर की रायल्टी जमा करने के बाद प्रशासन अनुमति प्रदान करता है।

अनुमति के बाद बालू का खनन किया जा सकता है। खनन माफिया नियमों की अनदेखी कर अपनी मनमर्जी से बालू चोरी कर रहे हैं।

सिर्फ एक के पास है अनुमति

जिला प्रशासन ने यमुना से बालू निकालने के लिए सिर्फ रायपुर गांव में एक व्यक्ति को अनुमति दे रखी है। बाकी जगहों पर अवैध खनन हो रहा है। यमुना के किनारे के लगभग सभी गांवों से बालू का अवैध खनन हो रहा है। प्रतिदिन करीब ढाई सौ डंपर, जेसीबी मशीन व ट्रैक्टर ट्राली बालू निकालने में लगे रहते हैं।

सत्ता के दबाव में नहीं बनी सूची जिलाधिकारी रविकांत सिंह ने अप्रैल में अधीनस्थ आला अफसरों को खनन माफिया की सूची बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सूत्रों का कहना है कि एसडीएम दुर्गा नागपाल ने कई सफेदपोश नेताओं के नाम इस सूची में शामिल किए थे, लेकिन सत्ता के दबाव में सूची जारी नहीं हो सकी।

पूर्व में नियुक्त अधिकारियों पर हो चुका है हमला

कई बार खनन माफिया में आपस में भी गोली चल चुकी है। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के खनन माफिया में भी खूनी खेल खेला जा चुका है। गत वर्ष तत्कालीन एसडीएम सदर व खनन निरीक्षक आशीष कुमार पर भी बालू का अवैध धंधा करने वालों ने हमला किया था।

दुर्गा ने नहीं गिरवाई थी दीवार, फिर भी अड़ी है 'सरकार'!

नोएडा। एसडीएम दुर्गा के निलंबन पर सूबे के मुखिया अखिलेश अड़ गए हैं। आइएएस लॉबी लगातार दबाव बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा है कि आपसी भाईचारा बनाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की भी है। इसलिए कार्रवाई ठीक हुई है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि एसडीएम दुर्गा के निलंबन की कार्रवाई ठीक हुई है। गांव कादलपुर के खसरा नंबर 336, रकबा 1370 मीटर जमीन सरकारी अभिलेखों में नवीन परती में दर्ज है। इस जमीन पर बिना प्रशासन की अनुमति के हो रहे धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ने को लेकर ही दुर्गा शक्ति जिले, प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे देश में चर्चा का विषय बनीं।

उनके निलंबन ने उन्हें दिल्ली डीयू का भी हीरो बना दिया है। यहां के भी छात्र उनके समर्थन में आ गए हैं। एसडीएम दुर्गा शक्ति का निलंबन सपा के एक कद्दावर नेता के सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने के हालात की जानकारी मुख्यमंत्री को देने के चलते हुआ।

एक अंग्रेजी अखबार में डीएम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि दीवार दुर्गा शक्ति ने नहीं गिरवाई बल्कि गांव वालों ने ही गिराई। भाजपा ने मुख्यमंत्री से सपा नेता के खिलाफ गलत रिपोर्ट देने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।

जिले के आला अफसरों की मानें तो जिले के एक सपा नेता ने शासन के समक्ष कादरपुर गांव का जो चित्र खींचा, उसमें कहा गया था कि एसडीएम ने एक धार्मिक स्थल की दीवार गिरा दी है। जबकि मौके पर कोई धार्मिक स्थल नहीं बना था।

तेलंगाना पर उबला आंध्र, मानसून सत्र में बिल पास करवाने की मांग

नई दिल्ली [जाब्यू]। सियासी संतुलन साधने की कवायद में कांग्रेस ने तेलंगाना राज्य बनाने का एलान तो कर दिया, लेकिन फैसले ने आंध्र में बगावत का बिगुल फूंक दिया है। फैसला लेने वाली कांग्रेस के अपने सांसद, मंत्री और विधायकों में ही इस्तीफा देने की होड़ मच गई है। उधर, बृहस्पतिवार को भाजपा ने मांग की है कि सरकार संसद के मानसून सत्र में ही अलग तेलंगाना राज्य के गठन पर बिल लाए और इसे पास कराए।
छात्र संगठनों ने भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जबरदस्त प्रदर्शन किए। विजयनग्राम और गुंटूर में एक होमगार्ड सहित दो लोगों ने आत्महत्या कर ली। कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन भी हुए। गुस्साए लोगों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की मूर्तियों को भी निशाना बनाया।

 राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने को केंद्रीय बलों के साथ बीएसएफ को भी तैनात किया गया। वहीं, रायलसीमा के कांग्रेस विधायकों ने अपने ही क्षेत्र में राजधानी की मांग कर डाली है।

फैसले के साथ ही केंद्र के सामने मुसीबतों की पोटली भी खुल गई है। तेलंगाना के इतर शेष आंध्र प्रदेश भड़क गया है। वाईएसआर कांग्रेस के जगन रेड्डी ने फैसले के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। वहीं, खुद कांग्रेस के भीतर भी बगावत भड़क गई है। मौजूदा माहौल से स्पष्ट है कि आसानी से तेलंगाना को अमलीजामा पहनाना मुश्किल होगा। रायलसीमा के चार और तटीय आंध्र के नौ जिलों में बुधवार को बंद रहा। बंद प्रभावित क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। शिक्षण संस्थान, व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। कडप्पा, चित्तूर, विशाखापत्तनम और कृष्णा सहित कई इलाकों में राज्य सड़क यातायात निगम की सेवाएं बंद रहीं।

विजयवाड़ा में बंद के दौरान छात्रों ने कई जगह जाम लगाया। बार एसोसिएशन ने अपने सदस्यों से काम बंद रखने की अपील की। विशाखापत्तनम में भी छात्रों की संयुक्त कार्रवाई समिति के साथ कई संगठनों ने प्रदर्शन किए। पूर्वी गोदावरी में पूर्ण बंद के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की दो प्लाटून और बीएसएफ की दो बटालियन भेजनी पड़ीं। अनंतपुर कस्बे में गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा अनंतपुर के मंडल राजस्व कार्यालय में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। राजमुंदरी में कांग्रेस और तेदेपा कार्यकर्ताओं में भिड़ंत भी हुई।

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने भी कहा है कि अलग तेलंगाना का फैसला मेरे लिए भी दुखदायी है। मामला भड़कते देख केंद्र भी सतर्क है। मामला गरमाता देख रायलसीमा क्षेत्र के लोगों का गुस्सा शांत करने के लिए कांग्रेस महासचिव व आंध्र प्रदेश के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया, 'यह भारी मन से लिया गया कठिन फैसला है।' मौजूदा हालात में तेलंगाना समर्थक भी नए राज्य के रूप लेने को लेकर आशंकित हो रहे हैं। पृथक तेलंगाना बनने पर इस्तीफे की धमकी देने वाले कुछ मंत्रियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री रेड्डी से मुलाकात की। इनमें ईपी रेड्डी ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी को सौंप दिया है। टीजी वेंकटेश, ईपी रेड्डी, जी. श्रीनिवास और पी. सत्यनारायण ने सीएम से कांग्रेस आलाकमान के फैसले पर चर्चा की। वेंकटेश ने बताया कि रायलसीमा और तटीय आंध्र के विधायक व सांसद गुरुवार को बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

संप्रग और कांग्रेस के मुहर लगाने के बाद भी आंध्र प्रदेश से अलग कर तेलंगाना राज्य बनने में जटिल संवैधानिक औपचारिकताएं अभी बाकी हैं। चुनावी साल में तेलंगाना बनने का रास्ता साफ हो गया है। फैसले के मुताबिक, हैदराबाद 10 साल आंध्र प्रदेश व तेलंगाना की संयुक्त राजधानी होगी और अलग राज्य बनने की पूरी प्रक्त्रिया मई 2014 तक पूरी होगी। पहले यह प्रस्ताव कैबिनेट में जाएगा। यहां से संसद के दोनों सदनों में इसे पास कराया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति के दस्तखत से अलग राज्य की शक्ल तय होगी।

नए राज्यों की मांग पर केंद्र ने फेरा पानी

पृथक तेलंगाना की घोषणा के साथ मुखर हुई करीब आधा दर्जन नए राज्यों की मांग को केंद्र सरकार ने खारिज कर दिया है।

वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार किसी और नए राज्य के गठन के प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही। लेकिन संप्रग और कांग्रेस कार्यसमिति की हरी झंडी के बाद गृह मंत्रालय तेलंगाना के गठन की प्रक्रिया में जुट गया है।