Thursday, 8 August 2013

नेताजी बोले, अखिलेश को समझा दो नए अफसर ईमानदार होते हैं

आगरा। युवा आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद सूबे की सरकार सवालों के घेरे में हैं। इस बीच सपा महासचिव रामजीलाल सुमन ने बुधवार को आगरा में नए अधिकारियों की खुलकर पैरवी की।

कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से बोले कि विश्वास करें, नये अफसर ईमानदार होते हैं। वह अपने भतीजे (मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) को समझाएं कि नए अफसरों की हौंसला अफजाई करें।

 सूरसदन प्रेक्षागृह में लैपटॉप वितरण समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के महामंत्री रामजीलाल सुमन के संबोधन से एकबार सन्नाटा छा गया। मंच से खरी-खरी कहने को लेकर चर्चाओं में रहने वाले राष्ट्रीय महासचिव ने राज्य के कद्दावर काबीना मंत्री शिवपाल यादव को मुख्यमंत्री के चाचा कहकर संबोधित किया। बोले कि वह अपने भतीजे अखिलेश यादव से बात कर लें, प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो गई है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए।

नए अफसर अच्छा काम करते हैं, ऐसे में उनकी हौंसला अफजाई की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो चंद सालों बाद वह भी पुराने अफसरों के ढर्रे पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से अफसर ऐसे हैं, जो हर सरकार में बढि़या पदों पर रहते हैं और कोई काम भी नहीं करते। ऐसे अफसरों के कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए। सपा के राष्ट्रीय महामंत्री के इस संबोधन पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन मंच पर बैठे सरकार के नुमाइंदे और अधिकारी सकते में आ गए।

इसके बाद प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारसनाथ यादव ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य के अफसरों का संस्कार बिगड़ गया है। खराब काम करने वाले अधिकारियों को सरकार चिन्हित कर रही है। फिर दुर्गा शक्ति का नाम लिए बिना बोले कि कार्रवाई हो रही है। और आप देख रहे हैं कि कार्रवाई करने पर कैसा बवाल मच रहा है। लेकिन सरकार इससे बिवलित नहीं है। ऐसे अफसरों के खिलाफ सरकार अभी और कार्रवाई करने की तैयारी में है।

लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि अधिकारियों को जनता और सपा कार्यकर्ताओं की सुनवाई करनी ही होगी। समस्याओं का निदान करना ही होगा। जो जनता के खिलाफ, सरकार के खिलाफ काम करेगा उस पर कार्रवाई होगी।

हालांकि बाद में जागरण के सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि उन्होंने दुर्गा के कार्य को सही नहीं ठहराया। पर नये अफसर ईमानदारी से बढि़या काम करते हैं, परंतु जब उनके काम की कद्र नहीं होती तो वे भी पुराने अफसरों जैसे हो जाते हैं।

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