नई दिल्ली। बिहार में हो रहे पाक हमले के शहीदों के अंतिम संस्कार में नहीं पहुंचकर नीतीश सरकार की पहले ही किरकिरी हो रही है और अब बिहार के ग्रामीण मंत्री भीम सिंह ने शहीदों पर विवादस्पद बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस में जवान मरने के लिए ही जाते हैं।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बिहार के छपरा में शहीद प्रेमनाथ को अंतिम विदाई देते वक्त बिहार सरकार के एक भी मंत्री वहां मौजूद नहीं थे। यहां तक की जब शहीदों के शव को सीमा पार से पटना एयरपोर्ट पर लाया गया तब भी सूबे की सरकार के पास फुर्सत के दो पल नहीं थे कि वे वहां उनके शहादत पर सम्मान जताने जा सके।
आपको बता दें कि सीमा पर शहीद हुए जवानों में से दो की अंत्येष्टि हो गई है और दो की थोड़ी देर में होने वाली है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर जब सेना शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को सलामी दे रहे थे, उस वक्त बिहार के विपक्षी दल के नेता पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। सैनिक सम्मान के बाद शहीदों के पार्थिव शरीर को अलग-अलग ट्रकों में रखा गया। लेकिन इस दौरान बिहार सरकार का कोई भी नुमाइंदा वहां नहीं दिखाई दिया।
हालांकि बिहार सरकार ने शहीदों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। लेकिन परिजनों ने ये राशि लेने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने इंसाफ की मांग की है। परिजनों ने सरकार से कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार को बिहार के छपरा में शहीद प्रेमनाथ को अंतिम विदाई देते वक्त बिहार सरकार के एक भी मंत्री वहां मौजूद नहीं थे। यहां तक की जब शहीदों के शव को सीमा पार से पटना एयरपोर्ट पर लाया गया तब भी सूबे की सरकार के पास फुर्सत के दो पल नहीं थे कि वे वहां उनके शहादत पर सम्मान जताने जा सके।
आपको बता दें कि सीमा पर शहीद हुए जवानों में से दो की अंत्येष्टि हो गई है और दो की थोड़ी देर में होने वाली है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट पर जब सेना शहीद जवानों के पार्थिव शरीर को सलामी दे रहे थे, उस वक्त बिहार के विपक्षी दल के नेता पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। सैनिक सम्मान के बाद शहीदों के पार्थिव शरीर को अलग-अलग ट्रकों में रखा गया। लेकिन इस दौरान बिहार सरकार का कोई भी नुमाइंदा वहां नहीं दिखाई दिया।
हालांकि बिहार सरकार ने शहीदों के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है। लेकिन परिजनों ने ये राशि लेने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने इंसाफ की मांग की है। परिजनों ने सरकार से कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

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