Thursday, 8 August 2013

पत्‍‌नी ने कहा, रेप में शामिल नहीं थे अक्षय

नई दिल्ली [जासं]। दिल्ली के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर की रात युवती के साथ गैंगरेप में मेरे पति अक्षय शामिल नहीं थे। वे 15 दिसंबर को भाई अभय, भाभी सरिता व नौ साल के भतीजे कुंदन के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से अपने घर के लिए महाबोधि एक्सप्रेस से रवाना होकर 16 दिसंबर को सुबह औरंगाबाद के अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दिल्ली पुलिस औरंगाबाद के तंडवा थाने की पुलिस के साथ मिलकर उनके पति को फंसाने की कोशिश कर रही है। यह कहना है वसंत विहार गैंगरेप मामले में आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी पुनीता देवी का। उन्होंने बुधवार शाम पत्रकारों से बातचीत में ये बातें कही।

जिरह में दखलअंदाजी पर अक्षय को दी चेतावनी

वसंत विहार गैंगरेप के आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी से जिरह के दौरान अक्षय ने बार-बार दखलअंदाजी की। जिससे अदालत ने आरोपी को चेतावनी दी। यहां तक कि बचाव पक्ष के वकील ने भी अक्षय पर चुप होने का दबाव बनाया।

साकेत कोर्ट के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज योगेश खन्ना की अदालत में बचाव पक्ष के गवाह के रूप में आरोपी अक्षय की पत्‍‌नी और अक्षय के ससुर के बयान दर्ज किए गए। पत्‍‌नी के बयान दर्ज करवाने के दौरान जब अभियोजन पक्ष उससे जिरह करते थे, तो उसकी जगह अक्षय बोल पड़ता था। इससे अदालत ने अक्षय को चेतावनी दी। अदालत में पत्‍‌नी ने कहा कि 16 दिसंबर की रात को अक्षय उनके साथ था। वह वारदात वाली रात दिल्ली में नहीं था। वहीं, अक्षय के ससुर ने कहा कि अक्षय निर्दोष है। उसे गलत तरीके से फंसाया गया है।

अभियोजन ने दोनों गवाहों के बयान को गलत बताया। कहा कि अक्षय के माता-पिता के दबाव की वजह से ये झूठा बयान दे रहे हैं।

नेताजी बोले, अखिलेश को समझा दो नए अफसर ईमानदार होते हैं

आगरा। युवा आइएएस दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के बाद सूबे की सरकार सवालों के घेरे में हैं। इस बीच सपा महासचिव रामजीलाल सुमन ने बुधवार को आगरा में नए अधिकारियों की खुलकर पैरवी की।

कैबिनेट मंत्री शिवपाल यादव से बोले कि विश्वास करें, नये अफसर ईमानदार होते हैं। वह अपने भतीजे (मुख्यमंत्री अखिलेश यादव) को समझाएं कि नए अफसरों की हौंसला अफजाई करें।

 सूरसदन प्रेक्षागृह में लैपटॉप वितरण समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पार्टी के महामंत्री रामजीलाल सुमन के संबोधन से एकबार सन्नाटा छा गया। मंच से खरी-खरी कहने को लेकर चर्चाओं में रहने वाले राष्ट्रीय महासचिव ने राज्य के कद्दावर काबीना मंत्री शिवपाल यादव को मुख्यमंत्री के चाचा कहकर संबोधित किया। बोले कि वह अपने भतीजे अखिलेश यादव से बात कर लें, प्रदेश में अफसरशाही बेलगाम हो गई है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए।

नए अफसर अच्छा काम करते हैं, ऐसे में उनकी हौंसला अफजाई की जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो चंद सालों बाद वह भी पुराने अफसरों के ढर्रे पर आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बहुत से अफसर ऐसे हैं, जो हर सरकार में बढि़या पदों पर रहते हैं और कोई काम भी नहीं करते। ऐसे अफसरों के कामकाज की समीक्षा होनी चाहिए। सपा के राष्ट्रीय महामंत्री के इस संबोधन पर पूरा प्रेक्षागृह तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। लेकिन मंच पर बैठे सरकार के नुमाइंदे और अधिकारी सकते में आ गए।

इसके बाद प्रदेश के उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पारसनाथ यादव ने बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि राज्य के अफसरों का संस्कार बिगड़ गया है। खराब काम करने वाले अधिकारियों को सरकार चिन्हित कर रही है। फिर दुर्गा शक्ति का नाम लिए बिना बोले कि कार्रवाई हो रही है। और आप देख रहे हैं कि कार्रवाई करने पर कैसा बवाल मच रहा है। लेकिन सरकार इससे बिवलित नहीं है। ऐसे अफसरों के खिलाफ सरकार अभी और कार्रवाई करने की तैयारी में है।

लोक निर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट आदेश दे रखे हैं कि अधिकारियों को जनता और सपा कार्यकर्ताओं की सुनवाई करनी ही होगी। समस्याओं का निदान करना ही होगा। जो जनता के खिलाफ, सरकार के खिलाफ काम करेगा उस पर कार्रवाई होगी।

हालांकि बाद में जागरण के सवाल पर राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन ने कहा कि उन्होंने दुर्गा के कार्य को सही नहीं ठहराया। पर नये अफसर ईमानदारी से बढि़या काम करते हैं, परंतु जब उनके काम की कद्र नहीं होती तो वे भी पुराने अफसरों जैसे हो जाते हैं।

Sunday, 4 August 2013

पत्नी बताकर ले लिया लोन

नई दिल्ली। नोएडा के ईएक्सएल बीपीओ कंपनी में काम करने वाली एक महिला को उसके सहकर्मी ने पत्नी बताकर बैंक से ज्वाइंट होम लोन ले लिया और फरार हो गया।

छह साल बाद जब महिला अपने नाम से बैंक में लोन लेने गई, तब उसे ठगी के बारे में जानकारी हुई। एक हफ्ते पहले ही महिला ने सफदरजंग इन्क्लेव थाने में ठगी का मामला दर्ज कराया है। आरोपी ठग का नाम जय चटर्जी है। वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, 50 वर्षीय पीड़ित महिला का नाम रेवती अय्यर है। केरल निवासी रेवती यहां अर्जुन नगर में परिवार के साथ रहती है। 2007 में जय चटर्जी व रेवती अय्यर दोनों गुड़गांव के एक बीपीओ कंपनी में साथ काम करते थे।

जय ने किसी बहाने से रेवती के कागजात व पहचान पत्र हासिल किए और रेवती को पत्नी बताकर आइसीआइसीआइ बैंक से सात लाख रुपये ज्वाइंट होम लोन ले लिया। उसके बाद उसने कंपनी छोड़ दी। चार किस्तें देने के बाद उसने बैंक को किस्त देना भी बंद कर दिया और गायब हो गया। कुछ साल बाद रेवती ने नोएडा की ईएक्सएल बीपीओ कंपनी ज्वाइन कर ली।

जून में रेवती ने एचडीएफसी बैंक में दस लाख लोन के लिए आवेदन किया। बैंक के लोन डिपार्टमेंट ने उनके कागजात की जांच की तो सिविल रिपोर्ट से पता लगा कि महिला के नाम पर पहले से एक होम लोन चल रहा है। महिला उक्त मामले में डिफॉल्टर है। उसका आवेदन रद कर दिया गया। पूरी बात पता चलने पर रेवती के होश उड़ गए।

उन्होंने आइसीआइसीआइ बैंक जाकर पता किया, तब वहां ज्वाइंट होम लोन लिए जाने की पुष्टि कर दी गई। जय चटर्जी की तलाश में पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल भेजी गई है।

दुर्गा ने नहीं गिरवाई थी दीवार, फिर भी अड़ी है 'सरकार'!

लखनऊ। नोएडा की एसडीएम आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अडिग हैं। भले ही इस मामले में सरकार चारों तरफ आलोचना झेल रही है लेकिन मुख्यमंत्री अपने फैसले पर अडिग हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि एसडीएम दुर्गा शक्ति पर कार्रवाई सही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर प्रदेश का अमन-चैन खराब नहीं होने देगी। नोएडा में भी यही मामला था और अधिकारी ने शिथिलता बरती। इससे प्रदेश का माहौल बिगाड़ सकता था। दुर्गा शक्ति पर यह कार्रवाई माहौल बिगाडने की साजिश के तहत की गई है। निलंबन का खनन से लेना-देना नहीं है न तो बदले की भावना से कोई कार्रवाई की गई है। निलंबन पर उत्तर प्रदेश आइएएस एसोसिएशन की भूमिका को भी उन्होंने आड़े हाथ लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि नौकरशाही ने सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास किया जो सही नहीं है। यह तो सरकार के खिलाफ साजिश है। जो भी सरकार के खिलाफ साजिश करेगा वो बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ अधिकारियों को भी जिम्मेदार होनी चाहिए।

गांव कादलपुर के खसरा नंबर 336, रकबा 1370 मीटर जमीन सरकारी अभिलेखों में नवीन परती में दर्ज है। इस जमीन पर बिना प्रशासन की अनुमति के हो रहे धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ने को लेकर ही दुर्गा शक्ति जिले, प्रदेश ही नहीं, बल्कि समूचे देश में चर्चा का विषय बनीं।

उनके निलंबन ने उन्हें दिल्ली डीयू का भी हीरो बना दिया है। यहां के भी छात्र उनके समर्थन में आ गए हैं। एसडीएम दुर्गा शक्ति का निलंबन सपा के एक कद्दावर नेता के सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने के हालात की जानकारी मुख्यमंत्री को देने के चलते हुआ।

एक अंग्रेजी अखबार में डीएम की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया है कि दीवार दुर्गा शक्ति ने नहीं गिरवाई बल्कि गांव वालों ने ही गिराई। भाजपा ने मुख्यमंत्री से सपा नेता के खिलाफ गलत रिपोर्ट देने के मामले में कार्रवाई करने की मांग की है।

जिले के आला अफसरों की मानें तो जिले के एक सपा नेता ने शासन के समक्ष कादरपुर गांव का जो चित्र खींचा, उसमें कहा गया था कि एसडीएम ने एक धार्मिक स्थल की दीवार गिरा दी है। जबकि मौके पर कोई धार्मिक स्थल नहीं बना था।

दुर्गा प्रकरण पर कुछ नहीं बोलूंगा: रामगोपाल

मुरादाबाद। महिला आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव ने खामोश रहना ही उचित समझा। शनिवार को मुरादाबाद में मौजूदगी के दौरान यादव ने मीडिया के सवालों के बीच दुर्गा शक्ति प्रकरण पर कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। कहा-यह कोई मुद्दा नहीं है, मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा।

एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने सीबीआइ की आजादी की वकालत की। कहा कि सीबीआइ को सरकार के दबाव से मुक्त होना चाहिए। विकास कार्यो पर चर्चा के बीच उन्होंने कहा कि यूपी में तेजी से विकासपरक योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। राज्य सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जनहित के काम और विकासपरक योजनाओं में धन की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी।

कन्या विद्या धन, लैपटॉप वितरण आदि जैसी योजनाओं के जरिए छात्राओं को शैक्षिक स्तर पर मजबूती दी जा रही है। इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। मुरादाबाद के विकास की चर्चा में उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से मेडिकल कॉलेज स्थापना की मांग सुनने को मिली है। मुरादाबाद में मेडिकल कालेज खुलवाने के लिए प्रयास शुरू कराएंगे।

इससे पूर्व यादव ने यहां पांच सितारा होटल हॉलीडे रीजेंसी में आयोजित समारोह के दौरान हिंदू डिग्री कालेज के सौ छात्रों को लैपटॉप दिया। इसके बाद उनके हाथों में जिले की सदर और कांठ तहसील के लिए नए भवनों का शिलान्यास भी कराया गया।

सोनिया ने दी दुर्गा को शक्ति

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश द्वारा निलंबित आइएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के मामले में शुरुआती झिझक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी खुद इस मामले में मैदान में उतर आई हैं। कथित तौर पर खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई के कारण निलंबित हुई दुर्गा के मसले पर सोनिया ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर यह सुनिश्चित करने को कहा है कि ईमानदार अधिकारी को प्रताड़ित न किया जाए।

 सोनिया की चिट्ठी पर तुरंत ही समाजवादी पार्टी ने तीखा पलटवार कर सीधे उनके दामाद राबर्ट वाड्रा के मामले को उछाल दिया। घटना के एक हफ्ते बाद सोनिया की चिट्ठी पर भाजपा ने भी हैरत जताई है।

मस्जिद की दीवार गिराने का आरोप लगाकर निलंबित की गई गौतमबुद्ध नगर की एसडीएम के मामले में कांग्रेस एक दिन पहले तक बेहद सतर्क बयानबाजी कर रही थी। मामला मस्जिद की दीवार से जोड़ा गया था, लिहाजा कांग्रेस दुर्गा का समर्थन करने के बावजूद पहले साफ कर रही थी कि वह मनमाने तरीके से मस्जिद की दीवार गिराए जाने के विरोध में है।

पूरे देश में इस मामले पर अखिलेश सरकार के खिलाफ नाराजगी को भांपते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को चिट्ठी लिखकर उनसे पूछा है कि क्या इस मामले में केंद्र सरकार कुछ कर सकती है? कांग्रेस अध्यक्षा ने चिट्ठी में लिखा है, 'यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस अधिकारी के साथ नाइंसाफी न हो। प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसा माहौल दिया जाना चाहिए, जिसमें वे बिना भय के काम कर सकें।'

 सोनिया की इस चिट्ठी के बाद अब कांग्रेस नेता भी मुखर हो गए हैं। उत्तर प्रदेश कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी से लेकर प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह तक ने सपा सरकार के खिलाफ जोरदार हमला बोला है। उनका दावा है कि पहले ही दिन से कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था।

समाजवादी पार्टी ने पीएम को लिखी इस चिट्ठी पर सोनिया पर ही तीखा पलटवार किया। सपा महासचिव नरेश अग्रवाल ने कहा कि सोनिया जी को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए। हरियाणा में सोनिया जी के दामाद राबर्ट वाड्रा के फंसने के बाद आइएएस अधिकारी खेमका का स्थानांतरण कर दिया गया था।

इसी तरह राजस्थान के मुख्यमंत्री ने दो आइएएस अधिकारियों को निलंबित किया था। वह भी जमीन के मामले थे और वहां भी उनके दामाद फंस रहे थे। इसलिए उनको पीएम को दो चिट्ठियां और लिखनी चाहिए ताकि दोनों मामलों में भी न्याय मिल सके।'

भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने सोनिया की चिट्ठी को आंखों में धूल झोंकने वाला बताया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो उनके प्रवक्ता मस्जिद की अवैध दीवार गिराए जाने का विरोध करते हैं, वहीं अब जनता का गुस्सा देखकर चिट्ठी लिखने का नाटक किया जा रहा है। कांग्रेस की सरकार है और उन्हीं के प्रधानमंत्री, लिहाजा चिट्ठी का नाटक बंद करना चाहिए।

किसने, क्या कहा

'ऐसा माना जा रहा है कि गलत तरीके से दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन किया गया है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके साथ नाइंसाफी न हो।'

- सोनिया गांधी

'वह राबर्ट वाड्रा की संपत्ति पर कार्रवाई करने वाले हरियाणा और राजस्थान के आइएएस अधिकारियों की प्रताड़ना पर पीएम को दो चिट्ठियां और लिखें।'

-नरेश अग्रवाल, सपा महासचिव

'पीएम को पत्र लिखकर सोनिया गांधी औपचारिकता निभा रही हैं। सपा के समर्थन से उनकी सरकार चल रही है। अगर वे (कांग्रेस-सपा) चाहें तो मसले का समाधान निकल सकता है।' - 
शाहनवाज हुसैन, भाजपा प्रवक्ता

देश को राम की देन हैं मोदी

नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी भले ही विकास और सशक्त भारत के मुद्दे पर आगे बढ़ रहे हों, लेकिन विश्व हिंदू परिषद [विहिप] उनकी हिंदुत्ववादी छवि को परोसने की कोशिश कर रहा है। रामलला के सामने मोदी के करीबी अमित शाह के भव्य मंदिर बनने की प्रार्थना के बाद अब विहिप के संरक्षक अशोक सिंहल ने उन्हें भारत को राम की देन करार दिया है।

लोकसभा चुनाव के पहले रामजन्मभूमि आंदोलन के कार्यक्रमों का एलान करने आए अशोक सिंहल पहले तो मोदी पर बोलने से बचते रहे, लेकिन सवालों के जवाब के दौरान उन्होंने कहा कि पूरा भारत नरेंद्र मोदी को हिंदुत्व का प्रतीक मानता है। बकौल सिंहल, 'मोदी भारत को राम की देन हैं।

गोधरा में रामभक्तों को जलाया गया तो 72 घंटे के भीतर ही मोदी का जन्म हुआ।' उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी हमारा काम जरूर करेंगे। लेकिन अगले क्षण उन्होंने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में मंदिर निर्माण का कोई विरोध नहीं करेगा।

संसद के मानसून सत्र में विवादित स्थल को रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए सौंपने का प्रस्ताव पारित करने की मांग करते हुए सिंहल ने कहा कि ऐसा नहीं होने की स्थिति में देश भर के संत 25 अगस्त से 84 कोसी परिक्रमा शुरू करेंगे। 13 सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में सभी प्रांतों के संत भाग लेंगे।
उन्होंने उत्तार प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को इस यात्रा में अड़चन नहीं डालने की चेतावनी दी। 84 कोसी परिक्रमा के एक माह बाद 18 अक्टूबर को हिंदू समाज अयोध्या में सरयू के तट पर राममंदिर निर्माण का महासंकल्प करेगा। इन दो कार्यक्रमों के बीच में दक्षिण भारत के चार राज्यों के संत पंचकोसी परिक्रमा करेंगे।